Osho ki jivan yatra

Osho ki jivan yatra

Shashikant Sadaiv

Språken
FörlagPrabhakar Prakshan
ISBN9788194433675

ओशो की देशनाएं, दर्शन व ध्यान विधियां आदि तो अद्भुत हैं ही, पर उनका जीवन भी अपने आप में अद्भुत और अद्वितीय है। उनके जीवन की घटनाएं भी हमें प्रेरित व रूपांतरित करने वाली हैं। ओशो का जीवन कितना निराला है तथा किस तरह हमें आम से खास इंसान बनने की, भीतर छिपे बुद्घत्व को प्रकट करने की कला सिखाता है, यह जानना भी अति आवश्यक है। इस पुस्तक का उद्देश्य यही है कि हम न केवल ओशो के गरिमापूर्ण जीवन को जानें बल्कि उनके जीवन से प्रभावित होकर अपने भीतर की छिपी संभावना व प्रतिभा को पंख दें। ओशो आज भी विवादित हैं क्योंकि लोग उनके जीवन से जुड़ी आधी-अधूरी व गलत जानकारियों को और भी नकारात्मक ढंग से प्रस्तुत करते हैं तो, कोई उसमें कुछ भी जमा-घटा करके कुछ का कुछ बना देता है। ऐसी कोई पुस्तक, विशेषकर हिन्दी में नहीं है जो ओशो के जीवन की विस्तृत जानकारी देती हो, लेकिन इस पुस्तक पर भरोसा किया जा सकता है, क्योंकि यह पुस्तक उन सब प्रेमियों, संन्यासियों, घर-परिवार वालों की है जो ओशो के निकट रहे हैं, व उनके सहयोगी रहे हैं। जिनकी आंखों में ओशो ने प्रत्यक्ष झांका है। उनकी झांकी है यह पुस्तक।